क्या यह सच में प्राइम डे है अगर हम आईपैड डील्स के बारे में बात नहीं करते हैं? यह सवाल पूछने का समय है कि हम लोग इस दिन को लेकर कितने गंभीर हैं। प्राइम डे एक ऐसा अवसर है जब हम उम्मीद करते हैं कि हमें कुछ बेहतरीन ऑफ़र मिलेंगे, लेकिन क्या हम सच में इस पर भरोसा कर सकते हैं? हर साल, हमारे सामने आईपैड डील्स की एक लंबी सूची होती है, लेकिन क्या ये डील्स वास्तव में वैल्यू फॉर मनी हैं या सिर्फ एक मार्केटिंग ट्रिक?
मुझे यह देखकर गुस्सा आता है कि लोग बिना सोचे-समझे इन डील्स पर टूट पड़ते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि ये आईपैड्स कितनी जल्दी पुरानी टेक्नोलॉजी बन जाती हैं? हर साल एक नया मॉडल आता है, और कंपनियां हमें यह विश्वास दिलाने में लगी रहती हैं कि हमें हर बार नया खरीदना है। क्या हम सच में इतने बेवकूफ हैं कि हम हर साल अपने पुराने आईपैड को बदलने के लिए तैयार रहते हैं?
इसके अलावा, प्राइम डे के दौरान कई कंपनियां कीमतों को बढ़ा देती हैं और फिर ‘डिस्काउंट’ का दिखावा करती हैं। आप देख सकते हैं कि उनका असली मकसद सिर्फ बिक्री बढ़ाना है, न कि ग्राहकों की संतुष्टि। क्या हम इस लूट का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं? इस साल के प्राइम डे पर आईपैड डील्स पर ध्यान देने का कोई मतलब नहीं है जब हम जानते हैं कि यह सभी एक बड़ी धोखाधड़ी है।
अगर आप सोच रहे हैं कि यह सिर्फ एक तकनीकी समस्या है, तो आप गलत हैं। यह हमारे समाज की सोच को भी दर्शाता है। हम ऐसे उपभोक्ता बन गए हैं जो बिना समझे-बूझे खरीदारी करते हैं। क्या हम सिर्फ इसलिए खरीदते हैं क्योंकि कोई हमें बताता है कि यह ‘बेस्ट डील’ है? हमें अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए और समझना चाहिए कि हमें क्या चाहिए और क्या नहीं।
इस प्राइम डे पर, मैं आप सभी से अपील करता हूं कि आप आईपैड डील्स से दूर रहें। अपने पैसे की वैल्यू समझें और सोच-समझकर खरीदारी करें। यह समय है कि हम तकनीकी कंपनियों को उनकी चालाकियों का अहसास कराएं और उनके खिलाफ खड़े हों। हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा और यह दिखाना होगा कि हम सिर्फ उपभोक्ता नहीं हैं, बल्कि समझदार उपभोक्ता हैं।
क्या आप इस बार एक सही निर्णय लेंगे या फिर से लुटेंगे? यह आप पर निर्भर है।
#प्राइमडे #आईपैडडील्स #टेक्नोलॉजी #उपभोक्ताअधिकार #स्मार्टशॉपिंग
मुझे यह देखकर गुस्सा आता है कि लोग बिना सोचे-समझे इन डील्स पर टूट पड़ते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि ये आईपैड्स कितनी जल्दी पुरानी टेक्नोलॉजी बन जाती हैं? हर साल एक नया मॉडल आता है, और कंपनियां हमें यह विश्वास दिलाने में लगी रहती हैं कि हमें हर बार नया खरीदना है। क्या हम सच में इतने बेवकूफ हैं कि हम हर साल अपने पुराने आईपैड को बदलने के लिए तैयार रहते हैं?
इसके अलावा, प्राइम डे के दौरान कई कंपनियां कीमतों को बढ़ा देती हैं और फिर ‘डिस्काउंट’ का दिखावा करती हैं। आप देख सकते हैं कि उनका असली मकसद सिर्फ बिक्री बढ़ाना है, न कि ग्राहकों की संतुष्टि। क्या हम इस लूट का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं? इस साल के प्राइम डे पर आईपैड डील्स पर ध्यान देने का कोई मतलब नहीं है जब हम जानते हैं कि यह सभी एक बड़ी धोखाधड़ी है।
अगर आप सोच रहे हैं कि यह सिर्फ एक तकनीकी समस्या है, तो आप गलत हैं। यह हमारे समाज की सोच को भी दर्शाता है। हम ऐसे उपभोक्ता बन गए हैं जो बिना समझे-बूझे खरीदारी करते हैं। क्या हम सिर्फ इसलिए खरीदते हैं क्योंकि कोई हमें बताता है कि यह ‘बेस्ट डील’ है? हमें अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए और समझना चाहिए कि हमें क्या चाहिए और क्या नहीं।
इस प्राइम डे पर, मैं आप सभी से अपील करता हूं कि आप आईपैड डील्स से दूर रहें। अपने पैसे की वैल्यू समझें और सोच-समझकर खरीदारी करें। यह समय है कि हम तकनीकी कंपनियों को उनकी चालाकियों का अहसास कराएं और उनके खिलाफ खड़े हों। हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा और यह दिखाना होगा कि हम सिर्फ उपभोक्ता नहीं हैं, बल्कि समझदार उपभोक्ता हैं।
क्या आप इस बार एक सही निर्णय लेंगे या फिर से लुटेंगे? यह आप पर निर्भर है।
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क्या यह सच में प्राइम डे है अगर हम आईपैड डील्स के बारे में बात नहीं करते हैं? यह सवाल पूछने का समय है कि हम लोग इस दिन को लेकर कितने गंभीर हैं। प्राइम डे एक ऐसा अवसर है जब हम उम्मीद करते हैं कि हमें कुछ बेहतरीन ऑफ़र मिलेंगे, लेकिन क्या हम सच में इस पर भरोसा कर सकते हैं? हर साल, हमारे सामने आईपैड डील्स की एक लंबी सूची होती है, लेकिन क्या ये डील्स वास्तव में वैल्यू फॉर मनी हैं या सिर्फ एक मार्केटिंग ट्रिक?
मुझे यह देखकर गुस्सा आता है कि लोग बिना सोचे-समझे इन डील्स पर टूट पड़ते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि ये आईपैड्स कितनी जल्दी पुरानी टेक्नोलॉजी बन जाती हैं? हर साल एक नया मॉडल आता है, और कंपनियां हमें यह विश्वास दिलाने में लगी रहती हैं कि हमें हर बार नया खरीदना है। क्या हम सच में इतने बेवकूफ हैं कि हम हर साल अपने पुराने आईपैड को बदलने के लिए तैयार रहते हैं?
इसके अलावा, प्राइम डे के दौरान कई कंपनियां कीमतों को बढ़ा देती हैं और फिर ‘डिस्काउंट’ का दिखावा करती हैं। आप देख सकते हैं कि उनका असली मकसद सिर्फ बिक्री बढ़ाना है, न कि ग्राहकों की संतुष्टि। क्या हम इस लूट का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं? इस साल के प्राइम डे पर आईपैड डील्स पर ध्यान देने का कोई मतलब नहीं है जब हम जानते हैं कि यह सभी एक बड़ी धोखाधड़ी है।
अगर आप सोच रहे हैं कि यह सिर्फ एक तकनीकी समस्या है, तो आप गलत हैं। यह हमारे समाज की सोच को भी दर्शाता है। हम ऐसे उपभोक्ता बन गए हैं जो बिना समझे-बूझे खरीदारी करते हैं। क्या हम सिर्फ इसलिए खरीदते हैं क्योंकि कोई हमें बताता है कि यह ‘बेस्ट डील’ है? हमें अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए और समझना चाहिए कि हमें क्या चाहिए और क्या नहीं।
इस प्राइम डे पर, मैं आप सभी से अपील करता हूं कि आप आईपैड डील्स से दूर रहें। अपने पैसे की वैल्यू समझें और सोच-समझकर खरीदारी करें। यह समय है कि हम तकनीकी कंपनियों को उनकी चालाकियों का अहसास कराएं और उनके खिलाफ खड़े हों। हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा और यह दिखाना होगा कि हम सिर्फ उपभोक्ता नहीं हैं, बल्कि समझदार उपभोक्ता हैं।
क्या आप इस बार एक सही निर्णय लेंगे या फिर से लुटेंगे? यह आप पर निर्भर है।
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