क्या आप यकीन कर सकते हैं कि एक महत्वपूर्ण विषय पर, जो मानवता के लिए इतना संवेदनशील है, उसे एक साधारण एनिमेटेड फिल्म में बदल दिया गया है? 'पेपर प्लेन: दन लेस नुज, ल’हेनफ' जैसे प्रोजेक्ट्स केवल एक कहानी नहीं, बल्कि एक दुस्साहस हैं। क्या यह सही है कि हम द्वितीय विश्व युद्ध जैसी गंभीर घटना को एक एनीमेशन के रूप में देख रहे हैं? यह एक बेतुकी बात है!
द्वितीय विश्व युद्ध ने लाखों लोगों की ज़िंदगी बर्बाद की, और अब हम इसे एक साधारण एनिमेटेड फिल्म में संक्षेपित करने की कोशिश कर रहे हैं? क्या हम इस बात को भूल गए हैं कि यह केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक सच्चाई है? 'पेपर प्लेन' ने हमें नॉर्मंडी के आसमान में उड़ते एक अंग्रेजी पायलट के माध्यम से एक अद्भुत दृश्य दिखाने का प्रयास किया है, लेकिन क्या यह सच में आवश्यक था? क्या यह सही है कि हम इस तरह के गंभीर विषयों का मजाक बना रहे हैं?
यह सिर्फ एक तकनीकी गलती नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की एक बड़ी समस्या है। हम कला और मनोरंजन के नाम पर इतिहास को सस्ते में बेचना चाहते हैं। 'पेपर प्लेन' जैसे प्रोजेक्ट्स यह दिखाते हैं कि कैसे हम गंभीर विषयों का मजाक बना रहे हैं, और यह हमारी संवेदनशीलता को खत्म कर रहा है। क्या हमें नहीं समझना चाहिए कि ऐसा करना हमारे पूर्वजों की आत्माओं के प्रति अपमान है?
इस फिल्म के निर्माण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम अपने इतिहास को हल्के में ले रहे हैं। हमें यह सोचना चाहिए कि क्या हम वास्तव में इसे मनोरंजन के रूप में देख सकते हैं? क्या हम अपने बच्चों को इस तरह की कहानियाँ बताना चाहते हैं? हमें इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है और इस तरह की फिल्मों को बढ़ावा देने के बजाय, सच्चाई को समझने और स्वीकार करने का प्रयास करना चाहिए।
क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम ऐसे प्रोजेक्ट्स का समर्थन करते हैं, तो हम वास्तव में क्या संदेश दे रहे हैं? यह वक्त है कि हम अपनी आवाज उठाएं और ऐसी फिल्मों के खिलाफ खड़े हों जो हमारे इतिहास का मजाक उड़ाती हैं। हमें अपनी संस्कृति और इतिहास को सहेजने की आवश्यकता है, न कि इसे एक साधारण एनिमेशन के रूप में प्रस्तुत करने की।
#पेपरप्लेन #द्वितीयविश्वयुद्ध #फिल्मसमाज #संवेदनशीलता #इतिहास
द्वितीय विश्व युद्ध ने लाखों लोगों की ज़िंदगी बर्बाद की, और अब हम इसे एक साधारण एनिमेटेड फिल्म में संक्षेपित करने की कोशिश कर रहे हैं? क्या हम इस बात को भूल गए हैं कि यह केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक सच्चाई है? 'पेपर प्लेन' ने हमें नॉर्मंडी के आसमान में उड़ते एक अंग्रेजी पायलट के माध्यम से एक अद्भुत दृश्य दिखाने का प्रयास किया है, लेकिन क्या यह सच में आवश्यक था? क्या यह सही है कि हम इस तरह के गंभीर विषयों का मजाक बना रहे हैं?
यह सिर्फ एक तकनीकी गलती नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की एक बड़ी समस्या है। हम कला और मनोरंजन के नाम पर इतिहास को सस्ते में बेचना चाहते हैं। 'पेपर प्लेन' जैसे प्रोजेक्ट्स यह दिखाते हैं कि कैसे हम गंभीर विषयों का मजाक बना रहे हैं, और यह हमारी संवेदनशीलता को खत्म कर रहा है। क्या हमें नहीं समझना चाहिए कि ऐसा करना हमारे पूर्वजों की आत्माओं के प्रति अपमान है?
इस फिल्म के निर्माण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम अपने इतिहास को हल्के में ले रहे हैं। हमें यह सोचना चाहिए कि क्या हम वास्तव में इसे मनोरंजन के रूप में देख सकते हैं? क्या हम अपने बच्चों को इस तरह की कहानियाँ बताना चाहते हैं? हमें इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है और इस तरह की फिल्मों को बढ़ावा देने के बजाय, सच्चाई को समझने और स्वीकार करने का प्रयास करना चाहिए।
क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम ऐसे प्रोजेक्ट्स का समर्थन करते हैं, तो हम वास्तव में क्या संदेश दे रहे हैं? यह वक्त है कि हम अपनी आवाज उठाएं और ऐसी फिल्मों के खिलाफ खड़े हों जो हमारे इतिहास का मजाक उड़ाती हैं। हमें अपनी संस्कृति और इतिहास को सहेजने की आवश्यकता है, न कि इसे एक साधारण एनिमेशन के रूप में प्रस्तुत करने की।
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क्या आप यकीन कर सकते हैं कि एक महत्वपूर्ण विषय पर, जो मानवता के लिए इतना संवेदनशील है, उसे एक साधारण एनिमेटेड फिल्म में बदल दिया गया है? 'पेपर प्लेन: दन लेस नुज, ल’हेनफ' जैसे प्रोजेक्ट्स केवल एक कहानी नहीं, बल्कि एक दुस्साहस हैं। क्या यह सही है कि हम द्वितीय विश्व युद्ध जैसी गंभीर घटना को एक एनीमेशन के रूप में देख रहे हैं? यह एक बेतुकी बात है!
द्वितीय विश्व युद्ध ने लाखों लोगों की ज़िंदगी बर्बाद की, और अब हम इसे एक साधारण एनिमेटेड फिल्म में संक्षेपित करने की कोशिश कर रहे हैं? क्या हम इस बात को भूल गए हैं कि यह केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक सच्चाई है? 'पेपर प्लेन' ने हमें नॉर्मंडी के आसमान में उड़ते एक अंग्रेजी पायलट के माध्यम से एक अद्भुत दृश्य दिखाने का प्रयास किया है, लेकिन क्या यह सच में आवश्यक था? क्या यह सही है कि हम इस तरह के गंभीर विषयों का मजाक बना रहे हैं?
यह सिर्फ एक तकनीकी गलती नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की एक बड़ी समस्या है। हम कला और मनोरंजन के नाम पर इतिहास को सस्ते में बेचना चाहते हैं। 'पेपर प्लेन' जैसे प्रोजेक्ट्स यह दिखाते हैं कि कैसे हम गंभीर विषयों का मजाक बना रहे हैं, और यह हमारी संवेदनशीलता को खत्म कर रहा है। क्या हमें नहीं समझना चाहिए कि ऐसा करना हमारे पूर्वजों की आत्माओं के प्रति अपमान है?
इस फिल्म के निर्माण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम अपने इतिहास को हल्के में ले रहे हैं। हमें यह सोचना चाहिए कि क्या हम वास्तव में इसे मनोरंजन के रूप में देख सकते हैं? क्या हम अपने बच्चों को इस तरह की कहानियाँ बताना चाहते हैं? हमें इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है और इस तरह की फिल्मों को बढ़ावा देने के बजाय, सच्चाई को समझने और स्वीकार करने का प्रयास करना चाहिए।
क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम ऐसे प्रोजेक्ट्स का समर्थन करते हैं, तो हम वास्तव में क्या संदेश दे रहे हैं? यह वक्त है कि हम अपनी आवाज उठाएं और ऐसी फिल्मों के खिलाफ खड़े हों जो हमारे इतिहास का मजाक उड़ाती हैं। हमें अपनी संस्कृति और इतिहास को सहेजने की आवश्यकता है, न कि इसे एक साधारण एनिमेशन के रूप में प्रस्तुत करने की।
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