माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी हॉलोलेंस तकनीक के साथ अमेरिकी सेना की उम्मीदों को तोड़ दिया है। लगता है, अब तक का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी फेलियर उसी कंपनी का नाम है, जिसने हमें विंडोज़ अपडेट के अलावा कुछ नहीं दिया। अब जब अमेरिकी सेना ने अपने आर्टिफिशियल रियलिटी चश्मे के लिए नए खिलाड़ियों की तरफ रुख किया है, तो क्या हमें यह सोचना चाहिए कि क्या एक सॉफ्टवेयर कंपनी जो खुद अपने सॉफ्टवेयर के अपडेट्स को ठीक से नहीं कर पाती, वो युद्ध के मैदान में नई तकनीक को कैसे संभालेगी?
हम सब जानते हैं कि जब भी माइक्रोसॉफ्ट कुछ नया लाने की कोशिश करता है, तो उसके पीछे एक लंबी कतार होती है उन लोगों की जो अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। अब सेना ने माइक्रोसॉफ्ट को दरकिनार कर दिया है और दो नए खिलाड़ियों को मौका दिया है। क्या यह इन नए खिलाड़ियों की क्षमता का प्रमाण है या फिर यह सिर्फ एक कड़ी मजाक है? शायद दोनों!
हॉलोलेंस की तकनीक में जो भी कमी रही हो, कम से कम अब हमें एक नई कहानी सुनने को मिलेगी। शायद ये नए खिलाड़ी उन हॉलोलेंस चश्मों को उस तरह से सुधारें, जिस तरह से हम सबने अपने फ्रीज में बासी खाने को सुधारने की कोशिश की है - थोड़ी सी सफाई और एक नया कवर डालकर। लेकिन क्या यह सब कुछ करने से वास्तव में कुछ बदलने वाला है? या फिर ये बस एक नया चश्मा होगा, जो हमें पुराने अवशेषों को देखने से रोकने की कोशिश करेगा?
संक्षेप में, अमेरिकी सेना ने माइक्रोसॉफ्ट को हटा कर न केवल अपनी तकनीकी रणनीति को बदलने का फैसला किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि वे कितनी दूरदर्शिता के साथ काम कर रहे हैं। शायद हमें भी यह सीख लेनी चाहिए कि जब एक राक्षसी "सॉफ्टवेयर अद्यतन" से आप निराश हो जाएं, तो समय आ गया है नए विकल्पों को देखने का।
तो चलिए, एक नए युग की शुरुआत करते हैं, जहां हम अपनी तकनीक और अपनी रक्षात्मक क्षमताओं को नए चश्मे के साथ देखते हैं। शायद सही मायनों में अब हमें हॉलोलेंस की नहीं, बल्कि हॉलो-फ्यूचर की आवश्यकता है!
#माइक्रोसॉफ्ट #हॉलोलेंस #अमेरिकीसेना #एआर #नईतकनीक
हम सब जानते हैं कि जब भी माइक्रोसॉफ्ट कुछ नया लाने की कोशिश करता है, तो उसके पीछे एक लंबी कतार होती है उन लोगों की जो अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। अब सेना ने माइक्रोसॉफ्ट को दरकिनार कर दिया है और दो नए खिलाड़ियों को मौका दिया है। क्या यह इन नए खिलाड़ियों की क्षमता का प्रमाण है या फिर यह सिर्फ एक कड़ी मजाक है? शायद दोनों!
हॉलोलेंस की तकनीक में जो भी कमी रही हो, कम से कम अब हमें एक नई कहानी सुनने को मिलेगी। शायद ये नए खिलाड़ी उन हॉलोलेंस चश्मों को उस तरह से सुधारें, जिस तरह से हम सबने अपने फ्रीज में बासी खाने को सुधारने की कोशिश की है - थोड़ी सी सफाई और एक नया कवर डालकर। लेकिन क्या यह सब कुछ करने से वास्तव में कुछ बदलने वाला है? या फिर ये बस एक नया चश्मा होगा, जो हमें पुराने अवशेषों को देखने से रोकने की कोशिश करेगा?
संक्षेप में, अमेरिकी सेना ने माइक्रोसॉफ्ट को हटा कर न केवल अपनी तकनीकी रणनीति को बदलने का फैसला किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि वे कितनी दूरदर्शिता के साथ काम कर रहे हैं। शायद हमें भी यह सीख लेनी चाहिए कि जब एक राक्षसी "सॉफ्टवेयर अद्यतन" से आप निराश हो जाएं, तो समय आ गया है नए विकल्पों को देखने का।
तो चलिए, एक नए युग की शुरुआत करते हैं, जहां हम अपनी तकनीक और अपनी रक्षात्मक क्षमताओं को नए चश्मे के साथ देखते हैं। शायद सही मायनों में अब हमें हॉलोलेंस की नहीं, बल्कि हॉलो-फ्यूचर की आवश्यकता है!
#माइक्रोसॉफ्ट #हॉलोलेंस #अमेरिकीसेना #एआर #नईतकनीक
माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी हॉलोलेंस तकनीक के साथ अमेरिकी सेना की उम्मीदों को तोड़ दिया है। लगता है, अब तक का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी फेलियर उसी कंपनी का नाम है, जिसने हमें विंडोज़ अपडेट के अलावा कुछ नहीं दिया। अब जब अमेरिकी सेना ने अपने आर्टिफिशियल रियलिटी चश्मे के लिए नए खिलाड़ियों की तरफ रुख किया है, तो क्या हमें यह सोचना चाहिए कि क्या एक सॉफ्टवेयर कंपनी जो खुद अपने सॉफ्टवेयर के अपडेट्स को ठीक से नहीं कर पाती, वो युद्ध के मैदान में नई तकनीक को कैसे संभालेगी?
हम सब जानते हैं कि जब भी माइक्रोसॉफ्ट कुछ नया लाने की कोशिश करता है, तो उसके पीछे एक लंबी कतार होती है उन लोगों की जो अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। अब सेना ने माइक्रोसॉफ्ट को दरकिनार कर दिया है और दो नए खिलाड़ियों को मौका दिया है। क्या यह इन नए खिलाड़ियों की क्षमता का प्रमाण है या फिर यह सिर्फ एक कड़ी मजाक है? शायद दोनों!
हॉलोलेंस की तकनीक में जो भी कमी रही हो, कम से कम अब हमें एक नई कहानी सुनने को मिलेगी। शायद ये नए खिलाड़ी उन हॉलोलेंस चश्मों को उस तरह से सुधारें, जिस तरह से हम सबने अपने फ्रीज में बासी खाने को सुधारने की कोशिश की है - थोड़ी सी सफाई और एक नया कवर डालकर। लेकिन क्या यह सब कुछ करने से वास्तव में कुछ बदलने वाला है? या फिर ये बस एक नया चश्मा होगा, जो हमें पुराने अवशेषों को देखने से रोकने की कोशिश करेगा?
संक्षेप में, अमेरिकी सेना ने माइक्रोसॉफ्ट को हटा कर न केवल अपनी तकनीकी रणनीति को बदलने का फैसला किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि वे कितनी दूरदर्शिता के साथ काम कर रहे हैं। शायद हमें भी यह सीख लेनी चाहिए कि जब एक राक्षसी "सॉफ्टवेयर अद्यतन" से आप निराश हो जाएं, तो समय आ गया है नए विकल्पों को देखने का।
तो चलिए, एक नए युग की शुरुआत करते हैं, जहां हम अपनी तकनीक और अपनी रक्षात्मक क्षमताओं को नए चश्मे के साथ देखते हैं। शायद सही मायनों में अब हमें हॉलोलेंस की नहीं, बल्कि हॉलो-फ्यूचर की आवश्यकता है!
#माइक्रोसॉफ्ट #हॉलोलेंस #अमेरिकीसेना #एआर #नईतकनीक
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