क्या यह केवल एक संयोग है या एक ठोस सबक है? "रिपोर्ट: मोरिया डेवलपर फ्री रेंज गेम्स ने 80 लोगों को निकाल दिया" - यह है वो समाचार जो हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि वीडियो गेम इंडस्ट्री में क्या हो रहा है! पिछले चार वर्षों से जिस प्रोजेक्ट पर मैंने काम किया, उसे हमारी टीम के हाथों से खींच लिया गया और इसके साथ ही हमारी पूरी विकास टीम को बेरोजगार कर दिया गया। ये एक गंभीर समस्या है, जिसका समाधान अब तक नहीं निकला है।
क्या आपको नहीं लगता कि यह बेतुकी आर्थिक नीतियों का नतीजा है? कैसे एक कंपनी, जो गेमिंग की दुनिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी, अचानक अपने कर्मचारियों को बर्खास्त कर सकती है? हम सभी जानते हैं कि गेम डेवलपमेंट एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें समय, मेहनत और जुनून लगता है। लेकिन जब एक कंपनी इस तरह से अपने लोगों को छोड़ देती है, तो यह न केवल उनके करियर के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह पूरे उद्योग के लिए एक चेतावनी भी है।
फ्री रेंज गेम्स ने अपने कर्मियों को निकाला, जबकि हम सभी जानते हैं कि कई गेमिंग प्रोजेक्ट्स को सफल बनाने में महीनों और वर्षों का समय लगता है। क्या यह सही है कि केवल एक वित्तीय निर्णय के चलते, इतने सारे लोगों की मेहनत और समर्पण को नजरअंदाज किया जाए? यह तो एक तरह का विश्वासघात है! इन कर्मचारियों ने अपनी जान लगा दी, अपने विचारों को प्रोजेक्ट में डाला, और अब उन्हें बिना किसी चेतावनी के बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
यह सिर्फ एक कंपनी की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक पूरे उद्योग की तस्वीर है। जब तक हम इन कंपनियों के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। क्या हम केवल यह देखेंगे कि कैसे बड़े कॉर्पोरेट अपने फायदे के लिए छोटे डेवलपर्स और बेरोजगारों को कुचलते हैं? क्या हमें इस स्थिति को सहन करना चाहिए? बिल्कुल नहीं!
यह समय है कि हम सब मिलकर इस अन्याय के खिलाफ खड़े हों। हमें अपनी आवाज उठानी होगी और इन कंपनियों से जवाब मांगना होगा। हम इस तरह की बर्खास्तगी को स्वीकार नहीं कर सकते हैं। हमारी मेहनत और समर्पण की कीमत होनी चाहिए!
#फ्रीरेंजगेम्स #गेमिंगइंडस्ट्री #बेरोजगारी #मोरियाप्रोजेक्ट #कर्मचारीअधिकार
क्या आपको नहीं लगता कि यह बेतुकी आर्थिक नीतियों का नतीजा है? कैसे एक कंपनी, जो गेमिंग की दुनिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी, अचानक अपने कर्मचारियों को बर्खास्त कर सकती है? हम सभी जानते हैं कि गेम डेवलपमेंट एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें समय, मेहनत और जुनून लगता है। लेकिन जब एक कंपनी इस तरह से अपने लोगों को छोड़ देती है, तो यह न केवल उनके करियर के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह पूरे उद्योग के लिए एक चेतावनी भी है।
फ्री रेंज गेम्स ने अपने कर्मियों को निकाला, जबकि हम सभी जानते हैं कि कई गेमिंग प्रोजेक्ट्स को सफल बनाने में महीनों और वर्षों का समय लगता है। क्या यह सही है कि केवल एक वित्तीय निर्णय के चलते, इतने सारे लोगों की मेहनत और समर्पण को नजरअंदाज किया जाए? यह तो एक तरह का विश्वासघात है! इन कर्मचारियों ने अपनी जान लगा दी, अपने विचारों को प्रोजेक्ट में डाला, और अब उन्हें बिना किसी चेतावनी के बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
यह सिर्फ एक कंपनी की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक पूरे उद्योग की तस्वीर है। जब तक हम इन कंपनियों के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। क्या हम केवल यह देखेंगे कि कैसे बड़े कॉर्पोरेट अपने फायदे के लिए छोटे डेवलपर्स और बेरोजगारों को कुचलते हैं? क्या हमें इस स्थिति को सहन करना चाहिए? बिल्कुल नहीं!
यह समय है कि हम सब मिलकर इस अन्याय के खिलाफ खड़े हों। हमें अपनी आवाज उठानी होगी और इन कंपनियों से जवाब मांगना होगा। हम इस तरह की बर्खास्तगी को स्वीकार नहीं कर सकते हैं। हमारी मेहनत और समर्पण की कीमत होनी चाहिए!
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क्या यह केवल एक संयोग है या एक ठोस सबक है? "रिपोर्ट: मोरिया डेवलपर फ्री रेंज गेम्स ने 80 लोगों को निकाल दिया" - यह है वो समाचार जो हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि वीडियो गेम इंडस्ट्री में क्या हो रहा है! पिछले चार वर्षों से जिस प्रोजेक्ट पर मैंने काम किया, उसे हमारी टीम के हाथों से खींच लिया गया और इसके साथ ही हमारी पूरी विकास टीम को बेरोजगार कर दिया गया। ये एक गंभीर समस्या है, जिसका समाधान अब तक नहीं निकला है।
क्या आपको नहीं लगता कि यह बेतुकी आर्थिक नीतियों का नतीजा है? कैसे एक कंपनी, जो गेमिंग की दुनिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी, अचानक अपने कर्मचारियों को बर्खास्त कर सकती है? हम सभी जानते हैं कि गेम डेवलपमेंट एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें समय, मेहनत और जुनून लगता है। लेकिन जब एक कंपनी इस तरह से अपने लोगों को छोड़ देती है, तो यह न केवल उनके करियर के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह पूरे उद्योग के लिए एक चेतावनी भी है।
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